*प्रति वर्ष की भाँति इस वर्ष भी बालरूप हनुमान मन्दिर,त्रिपौलिआ में हनुमान जन्मोत्सव का आयोजन 29 अक्टूबर 2016 को होगा।
त्रिपौलिया के सैकड़ों वर्ष पुराने बालरूप हनुमान मन्दिर से हनुमान जयन्ती के अवसर पर प्रति वर्ष प्रातः पवनसुत की शोभायत्रा निकाली जाती है।अनूठी है यह शोभा यात्रा।इसकी सबसे खास बात यह है कि यह शहर की एकमात्र ऐसी शोभायात्रा है कि जो पूरी भव्यता के साथ उँचामंडी,महाजनी टोला,चाहचंद एवं भारती भवन की तंग गलियों से गुजरती है।मुख्य आकर्षण है दिव्य गदाधारी पवन्सुत्,जिन्की कलाबाजियां एवं गदा-प्रदर्शन देख लोग दांतो तले अंगुलियाँ दबा लेते हैं।श्रद्धालु अपने भवनों से मारुतिनंदन पर पुष्पों की वर्षा करते हैं,तो बच्चे उनसे दूर नही होना चाहते।शहर के नामचीन छायाकर यह अवसर अपने हाथ से गंवाना नही चाहते और उन्मे हनुमान जी के करतबों को कैमरे मे कैद करने की होड़ लग जाती है।इस शोभायत्रा मे दर्जनों स्कूलों के बच्चे बड़े उत्साह से सम्मिलित होते है।बच्चों के प्रिय हैं हनुमान जी !अन्य अनेक झांकियां और स्वांग तथा पौराणिक कथाओं के पात्रों का बाना धारण किये नन्हे-मुन्ने भी देखते ही बनते हैं।पवनसुत के प्रयाग की गलियों में घूमने पर प्रयागवासियों का आह्लादित होना स्वाभाविक है।इन आह्लादित भक्तों के जयघोष से पुराने शहर की गलियां गूंज उठती हैं।
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